Every business is a set of processes and every process has to be effectively managed to produce desired results and continually improve business to survive in this highly competitive market. Everything can be achieved through effective management systems, be it, quality of products and services, environment, occupational health & safety, social accountability, medical devices.

Thursday, September 2, 2010

गुणवत्ता प्रबंध सिद्धांत - १

आईएसओ ९००० श्रृंख्ला के मानक ८ गुणवत्ता प्रबंध सिद्धांतों पर आधारित हैं.

सिद्धांत १ - ग्राहक केंद्रित प्रबंध व्यवस्था

कम्पनियां अपने ग्राहकों पर निर्भर करती हैं. ग्राहक हैं तो कंपनी है, ग्राहक नहीं तो कम्पनी नहीं. कम्पनियों को अपने ग्राहकों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों और अपेक्षाओं को अच्छी तरह समझ कर न सिर्फ़ पूरा करना चाहिए, बल्कि यह कोशिश भी करनी चाहिए कि ग्राहकों को उनकी अपेक्षाओं से ज्यादा संतुष्टि प्रदान की जाय.

मुख्य फायदे:

१. तुरत कार्यवाही करके बाजार में उपलब्ध अवसरों का फायदा उठाना जिस से कंपनी की आमदनी और बाजार में हिस्सेदारी पढ़े.
२. कंपनी के संसाधनों का और अधिक प्रभावशाली प्रयोग करके ग्राहक संतुष्टि में लगातार बढ़ोतरी करना.
३. ऐसे बफादार ग्राहक बनाना जो कंपनी को लगातार आर्डर देते रहें.

इस सिद्धांत को प्रयोग करने से निम्नांकित अवसर उपलब्ध होते हैं:

१. ग्राहकों की जरूरतों और अपेक्षाओं पर अनुसंधान करना और उन्हें अच्छी तरह समझ सकना.
२. ग्राहकों की जरुरतों और अपेक्षाओं से सम्बंधित उद्देश्य तय कर सकना.
३. ग्राहकों की जरुरतों और अपेक्षाओं को कम्पनी में हर स्तर पर और हर व्यक्ति तक पहुँचा सकना.
४. ग्राहक संतुष्टि को नापना और उस पर आवश्यक कार्यवाही कर सकना.
५. ग्राहकों से संबंधों का व्यबस्थित तरीके से प्रबंधन कर सकना.
६. ग्राहकों और कम्पनी के दूसरी इंट्रेस्टेड पार्टीज (कम्पनी के मालिक, कर्मचारी, वित्तीय संस्थायें, स्थानीय कम्युनिटीस और सोसाइटी) उचित संतुलन बनाय्र रख सकना.

इस सिद्धांत के अंग्रेजी संस्करण के लिए क्लिक करें

मेरा अनुभव - यह अत्यन्त निराशाजनक है कि अधिकाँश कम्पनियां ग्राहकों की बिल्कुल चिंता नहीं करती. ग्राहकों की शिकायतों को या तो पंजीकृत ही नहीं किया जाता या टालने की कोशिश की जाती है. कम्पनी और ग्राहक के बीच में काल-सेंटर खड़ा कर दिया जाता है. ग्राहक इतना परेशान हो जाता है कि शिकायत ही भूल जाता है. कानून हैं, आचार संहिता हैं, आईएसओ मानक हैं, पर जब तक इच्छा न हो सब बेकार है. कम्पनियां आईएसओ ९००१ के पालन करने का वचन देती हैं पर पहले सिद्धांत का पालन ही नहीं करतीं. जो कम्पनियां ग्राहकों की चिंता करती हैं उन कम्पनियों में मैंने अभूतपूर्व सुधार देखा है, बिजनेस कुछ ही समय में कई गुना होते देखा है.

आईएसओ ९००१ का नया संस्करण

गुणवत्ता प्रबंध पद्दति के अंतर्राष्टीय मानक आईएसओ ९००१ का नया संस्करण १५ नवम्बर २००८ को प्रकाशित कर दिया गया है. अब कम्पनियां इस नए मानक, आईएसओ ९००१ :२००८ के अनुसार अपनी गुणवत्ता प्रबंध पद्दति का तृतीय-पक्ष प्रमाणन करवा सकेंगी. पिछले संस्करण, आईएसओ ९००१ :२००० में कोई विशेष परिवर्तन नहीं किए गए हैं. कुछ अपेक्षाओं में जरूरी सुधार किए गए हैं और कुछ स्पष्टीकरण दिए गए हैं. इन परिवर्तनों के बाद यह मानक और बेहतर और प्रभावशाली हो गया है.

आईएसओ की एक विज्ञप्ति के अनुसार, कम्पनियां १४ नबम्बर २००९ तक, अगर चाहें तो, पिछले संस्करण आईएसओ ९००१ :२००० के अनुसार तृतीय-पक्ष प्रमाणन करवा सकेंगी, उसके बाद नए संस्करण के अनुसार ही प्रमाणन होगा. १४ नबम्बर २०१० के बाद पिछले संस्करण आईएसओ ९००१ :२००० के अनुसार लिए गए सारे प्रमाणन अस्वीकृत हो जायेंगे, इसलिए कम्पनियों को इस से पहले ही अपने प्रमाणन को बदल कर नए संस्करण के अनुसार कर लेना होगा.

मेरा सुझाव है कि नई कम्पनियां अब नए मानक के अनुसार ही प्रमाणन लें. जिन कम्पनियों के पास पुराने संस्करण के अनुसार प्रमाणन है, उन्हें अपनी गुणवत्ता प्रबंध पद्दति में आवश्यक सुधार करके, आने वाले ऑडिट में अपने प्रमाणन को नए संस्करण के अनुसार बदलवा लेना चाहिए.

इस विषय में किसी को यदि कोई सूचना या मदद चाहिए, इस पोस्ट पर अपनी टिपण्णी दे सकते हैं, वह सी-बाक्स में अपना पश्न लिख सकते हैं. मेरी और तुंरत आवश्यक कार्यवाही की जायेगी.

बाज़ार में मंदी और बिजनेस

आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मंदी का दौर चल रहा है. भारत भी इस मंदी से अछूता नहीं रह पाया है. मेरी अधिकतर क्लाइंट कम्पनियां इस मंदी की चपेट में हैं. नए आर्डर आसानी से नहीं मिल रहे. जो आर्डर हाथ में हैं, उनमें कस्टमर सप्लाई रोकने की बात करने लगा है. मतलब यह कि स्थिति काफ़ी निराशाजनक है.

ऐसे में प्रभावशाली प्रबंध पद्दतियां (effective management systems) काफ़ी हद तक मदद कर सकते हैं. जिन कम्पनियों ने पहले से यह सिस्टम्स लगा रखे हैं, इन को और प्रभावशाली बनाकर उत्पाद की कीमत में कमी कर सकते हैं. जिन कम्पनियों ने यह सिस्टम्स नहीं लगाए हैं, इन सिस्टम्स को लगा सकते हैं और इनका फायदा उठा सकते हैं.

यह ब्लाग इस मामले में कम्पनियों की मदद कर सकेगा. इस ब्लाग पर विजिटर्स को इन प्रबंध पद्दतियों के बारे में जानकारी मिलेगी, और इन पद्दतियों को और प्रभावशाली बनाने की टिप्स मिलेंगी. विजिटर्स अपनी समस्यायें भी इस ब्लाग पर पोस्ट कर सकते हैं, जिन का तुरत समाधान दिया जायेगा.